Email for more details

Thursday, June 26, 2014

NANHI KALAM नन्ही कलम: => नई पीढ़ी के पैगम्बर, दबंगों के भरोसे हैं

NANHI KALAM नन्ही कलम: => नई पीढ़ी के पैगम्बर, दबंगों के भरोसे हैं: अशोक रावत न भूखों के भरोसे हैं, न नंगों के भरोसे हैं,  सियासत के खिलाड़ी आज दंगों के भरोसे हैं।  भरोसा बाजपेयी, लोहिया,गाँधी पे किसको ...

NANHI KALAM नन्ही कलम: => कहीं ज़ुल्मो-सितम सहने के हम आदी न हो जायें

NANHI KALAM नन्ही कलम: => कहीं ज़ुल्मो-सितम सहने के हम आदी न हो जायें: अशोक रावत हमारी चेतना पर आँधियाँ हाबी न हो जायें, कहीं ज़ुल्मो-सितम सहने के हम आदी न हो जायें।          कहीं ऐसा न हो जाये भुला ही दे...